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अकेलापन डर नहीं अब हूँकार पसंद हाल शोर रिश्ते हौसला कुछ बोल आदत बोल सुन पढ़ाया बरसों समाज छोड़ घिघियाना भूख लगी हो और कोई बोल भी दे तो मुझे जहर हो जाता है तुम मुँह seedhibaat

Hindi कड़वे बोल Stories